नीची रे कुइयवाँ के ऊंची रे जगतिया ए राम
ए रामा पनिया जे भरेली बराम्हनी ए राम
घोड़वा चढ़ल अइलें जयसिंह रजवा ए राम
ए रामा तनिए सा पनिया पियादा ए राम
कइसे मैं पनिया पियाई जयसिंह रजवा ए राम
ए रामा जतिया के बानी हम जोलाहीन ए राम
जोलहीन जोलहीन मती करा बराम्हनी ए राम
ए रामा नकिया में सोभेला बुलकिया ए राम ।
झर रे झरोखा चढ़ी बियही निरेखे ए राम
ए राम जस पियवा सवती ले अइलें ए राम
ए राम जस पियवा उढ़री ले अइलें ए राम
बियही बनावे राम सोनाचूर क भतवा ए राम
ए रामा अउरी रहरिया केरी दलिया ए राम
जेवहीं जे बइठेले जयसिंह रजवा ए राम
ए रामा आजु के भोजन नीक ना लागे ए राम
उढ़री बनावेली कोदो क भतवा ए राम
ए रामा अउरी अंकरिया के दलिया ए राम ।
जेवही जे बइठेले जयसिंह रजवा ए राम
ए रामा आजु के भोजन मनभावन ए राम ।
केकरा के मारी रामा केके गरियाइ ए राम
ए रामा केकरा के झूलनी गढ़ाई ए राम ।
बियही के मारा बाबू बियही गरियावा ए राम
ए रामा / बाबू उढ़री के झूलनी गढ़ावा ए राम ।
गंगा रे नहाये चललें जयसिंह रजवा ए राम
ए रामा संगवा मे उढ़री बियाहीन ए राम
उढ़री के डलिया राम मखमल सोभे ए राम
ए रामा बियाही के डड़िया माछीझोकत ए राम
बियही के नइया रामा गंगा पर गइलें ए राम
ए रामा राजा के नइया के मझधार ए राम
गोड़ तोरा परिला बियही तिरियवा ए राम
ए रामाँ हमरो के पार लगा दा ए राम
याद करा ए पिया ओहि दिन के बतिया ए राम
ए रामा जहिया तू उढ़री ले अइला ए राम ।
संकलन
जयशंकर प्रसाद द्विवेदी